तीन क़ुव्वतें ऐसी हैं जो मुस्लिम-दुनिया पर हावी हैं और जिनका ख़ात्मा इस्लाम और मुसलमानों की तरक़्क़ी के लिये ज़रूरी है। अव्वल ‘पापाइयत’ या दूसरी इस्तिलाह में कहें तो ‘मुल्लाइयत’ [...]
तीन क़ुव्वतें ऐसी हैं जो मुस्लिम-दुनिया पर हावी हैं और जिनका ख़ात्मा इस्लाम और मुसलमानों की तरक़्क़ी के लिये ज़रूरी है। अव्वल ‘पापाइयत’ या दूसरी इस्तिलाह में कहें तो ‘मुल्लाइयत’ [...]
नबी (सल्ल०) ने दुआ फ़रमाया करते कि- “ऐ अल्लाह! मैं गुनाह और क़र्ज़ (मैं फँस जाने से) तेरी पनाह चाहता हूँ।” हज़रत आयशा (रज़ि०) फ़रमाती हैं कि किसी कहने वाले [...]
الٓمٓ ١ Alif-Lãm-Mĩm. ٱللَّهُ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلْحَىُّ ٱلْقَيُّومُ ٢ Allah! There is no god ˹worthy of worship˺ except Him—the Ever-Living, All-Sustaining. نَزَّلَ عَلَيْكَ ٱلْكِتَـٰبَ بِٱلْحَقِّ مُصَدِّقًۭا لِّمَا بَيْنَ [...]
For many Muslims, the term sabr has become synonymous with the word “patience.” However, the beauty of the Arabic language is that many Arabic words, such as sabr, ihsan, taqwa, and more, have such a [...]